देश के कई राज्यों में मॉनसून की एंट्री के बाद से ही भारी बारिश और उससे जुड़ी प्राकृतिक आपदाएं कहर बरपा रही हैं। हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं बादल फटने से पुल बह गए हैं तो कहीं नदियां उफान पर हैं। आइए जानते हैं अलग-अलग राज्यों से आई बड़ी खबरें—
हिमाचल प्रदेश: चंबा और मंडी में बादल फटने से 5 पुल बहे
हिमाचल प्रदेश के चंबा और मंडी जिलों में भारी बारिश के कारण बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं।
चंबा जिले में कंघेला नाले पर बना पुल पानी में बह गया।
मंडी जिले की चौहार घाटी में एक वाहन-यातायात और तीन पैदल पुल बह गए हैं।
20 जून को हिमाचल में मॉनसून की एंट्री के बाद से अब तक:
बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 75 लोगों की मौत हो चुकी है।
288 लोग घायल हुए हैं।
सिर्फ मंडी जिले में बादल फटने की घटनाओं में 14 मौतें हुई हैं।
31 लोग अब भी लापता हैं।
आज भी राज्य में रेड अलर्ट जारी है।
छत्तीसगढ़: सरगुजा में लगातार बारिश से कॉलोनियां जलमग्न
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शनिवार रात से तेज बारिश हो रही है।
पॉश कॉलोनियों से लेकर नीचली बस्तियों तक पानी भर गया है।
अंबिकापुर के कुंडला सिटी क्षेत्र में 2 से 3 फुट पानी भर गया, जिससे सड़क पर खड़ी गाड़ियां आधी डूब गईं।
झारखंड: अवैध कोयला खदान धंसने से 4 की मौत
झारखंड के रामगढ़ जिले में शनिवार को भारी बारिश के दौरान महुआ टांगरी क्षेत्र में एक अवैध कोयला खदान धंस गई।
हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई।
4 अन्य घायल हैं।
राज्य में सोमवार सुबह तक ऑरेंज अलर्ट जारी है।
मध्य प्रदेश: बाढ़ जैसे हालात, नर्मदा नदी उफान पर
मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
मंडला जिले में नर्मदा नदी उफान पर है।
नरसिंहपुर को होशंगाबाद से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे पर बना पुल तेज बहाव के कारण ढह गया है।
निष्कर्ष:
देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की यह मार लोगों के जीवन पर भारी पड़ रही है। आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से राहत के प्रयासों में कठिनाई आ रही है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

